कंप्यूटर के प्रकार

कंप्यूटर के प्रकार Types Of Computer in Hindi 2021

दोस्तों कंप्यूटर का इस्तेमाल तो सभी लोग करते हैं लेकिन कंप्यूटर के प्रकार (Types of Computer in Hindi) बारे में कम ही लोग जानते हैं लोग सिर्फ कंप्यूटर के कुछ सरल प्रकार के बारे में ही जानते हैं लेकिन कंप्यूटर के विभिन्न प्रकार भी होते हैं जो उनके उद्देश्य आकार और क्षमता के अनुरूप अलग-अलग होते हैं आज हम आपको कंप्यूटर के प्रकार (Types of Computer in Hindi) के बारे में विस्तार से बताएंगे और उनके आकार और क्षमता के अनुरूप उनके विभिन्न विभागों को आप आपके साथ साझा करेंगे अपने उद्देश्यों और क्षमता के अनुसार कंप्यूटर अनेक प्रकार के होते हैं। हम मुख्यत: दो आधारों पर कंप्यूटरों का वर्गीकरण करते हैं-

कंप्यूटर को उनके अपने उद्देश्यों और क्षमता के अनुसार कंप्यूटर के प्रकार निम्न होते हैं। हम मुख्यत: दो आधारों पर कंप्यूटरों का वर्गीकरण करते हैं-

1– उद्देश्य तथा हार्डवेयर की डिजाइन के आधार पर,

2– आकार तथा क्षमता के आधार पर।

उद्देश्य तथा हार्डवेयर की डिजाइन के आधार पर कंप्यूटर तीन प्रकार के होते हैं- एनालॉग, डिजिटल तथा हाइब्रिड। इनका संक्षिप्त परिचय निम्न प्रकार हैं-

1एनालॉग Analog Computer

2डिजिटल Digital Computer

3हाइब्रिड Hybrid Computer

एनालॉग कंप्यूटर (Analog Computer)

कंप्यूटर के प्रकार

ये ऐसे कंप्यूटर होते हैं जो निवेश के रूप में डाटा या आंकड़ों के बजाय कोई गुणवाचक सूचना लेते हैं और निर्गम भी ऐसा ही प्रदान करते हैं। इसे समझने के लिए, अपने घर के फ्रीज या टी.वी. के साथ लगे स्टेबिलाइजर पर ध्यान दीजिए। इसमें लगा हुआ मीटर या संकेतक हमें या बताता है की इनपुट के रूप में वोल्टेज कितना है और आउटपुट कितना आ रहा है। वोल्टेज का उतार-चढ़ाव उसकी सुई (या संकेतक) के घूमने से पता चलता है, जिसे ठीक ठीक संख्याओं में भी बदला जा सकता है। एनालॉग कंप्यूटर भी निवेश के रूप में ऐसी ही चीजें ग्रहण करता है, जिन्हें लगातार नापा जा सके, जैसे तापमान, दबाव, आयतन, वोल्टेज प्रतिरोध, पगति, त्वरण, वजन आदि।

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दूसरे शब्दों में एनालॉग कंप्यूटरों में निवेश लगातार सी.पी.यू. में जाता रहता है, जहां उसके ऊपर कुछ क्रियाएं की जाती है और निर्गम पर भी ऐसा ही कुछ लगातार आता रहता है। ऐसे कंप्यूटरों का उपयोग मुख्यत: शोध और उत्पादन के क्षेत्रों में होता है अतः ये कम संख्या में पाए जाते हैं।

डिजिटल कंप्यूटर (Digital Computer)

आजकल ऐसे ही कंप्यूटर बहुलता से पाये जाते हैं। यह निवेश के रूप में संख्याएं और आंकड़े लेते हैं, जहां उन पर अंकगणितीय क्रियाएं की जाती हैं तथा निर्गम के रूप में भी आंकड़े ही देते हैं। कहने का तात्पर्य है कि इनके लिए प्रत्येक सूचना को अंको में बदला जाता है। इस कारण इनकी शुद्धता भी अधिक होती है। इन कंप्यूटरों का प्रयोग वैज्ञानिक तथा व्यापारिक सभी तरह के कार्यों में किया जाता है। इनकी उपयोगिता भी बहुत होती है क्योंकि एक ही कंप्यूटर पर चाहे जितने तरह के कार्य किए जा सकते हैं।

कंप्यूटर के प्रकार

डिजिटल कंप्यूटर के प्रकार उनके आकार तथा क्षमता के आधार पर कंप्यूटरों को मुख्यत: चार वर्गों में बांटा जाता है- माइक्रो, मिनी, मेनफ्रेम तथा सुपर। इन वर्गों के कंप्यूटरों की विशेषताएं निम्न प्रकार हैं-

माइक्रो कंप्यूटर (Micro Computer)

ये आकार में बहुत छोटे होते हैं और माइक्रो प्रोसेसर (Micro Processor) के साथ निवेश/निर्गम तथा भंडारण उपकरण (Storage Devices) जोड़कर तैयार किये जाते हैं। माइक्रो प्रोसेसर वास्तव में एक पूरी सी.पी.यू. होती है, जो एक छोटी-सी चीज पर समा जाती है। आजकल के सभी पीसी PC0, पीसी-एक्सटी (PC-XT), पीसी-एटी (PC-AT) तथा पेंटीयम (Pentium) इसी श्रेणी में आते हैं। ये आकार में इतने छोटे होते हैं की एक मेज पर भी रखे जा सकते हैं। इन पर एक बार में एक ही व्यक्ति काम कर सकता है और ज्यादातर एक बार में एक ही प्रोग्राम चल सकता है। इनकी कीमत कुछ हजार रुपयों में ही होती है।

मिनी कंप्यूटर (Mini Computer)

ये आकार में माइक्रो कंप्यूटरों से कुछ बड़े तथा गति में भी तेज होते हैं। इनकी मुख्य मैमोरी का आकार 512 किलोबाइट से लेकर 12 मेगाबाइट या अधिक भी हो सकता है। इन पर एक साथ कई लोग कार्य कर सकते हैं। विशेष आवश्यकता के अनुसार इनमें डिस्क ड्राइव, लाइन प्रिंटर आदि अलग से जोड़े जा सकते हैं। इनका मूल्य साधारण तौर पर बड़ी कंपनियों द्वारा वहन करने योग्य होता है।

मेनफ्रेम कंप्यूटर (Mainframe Computer)

ये आकार में मिनी कंप्यूटरों से काफी बड़े और क्षमता में भी बहुत अधिक होते हैं। इनकी मुख्य मैमोरी का आकार 12 मेगाबाइट से लेकर 128 मेगाबाइट तक होता है। इन पर एक साथ सैकड़ों व्यक्ति कार्य कर सकते हैं। इन कंप्यूटरों के लिए एयर कंडीशनिंग करना अनिवार्य होता है, ताकि तापमान 20°C से 25°C तक बना रहे। इसमें ऑनलाइन डाटा स्टोरेज की विशेष सुविधा होती है। इन कंप्यूटरों का मूल्य बहुत अधिक होता है, जैसे बड़ी-बड़ी कंपनियों या सरकारी कार्यालय ही वहन कर सकती हैं।

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सुपर कंप्यूटर (Super Computer)

ये कंप्यूटर आकार में विराट और गति में मेनफ्रेम कंप्यूटरों से भी सैकड़ों-हजारों गुना तेज होते हैं। इनमें समान्तर प्रोसेसिंग की क्षमता होती है, जिसमें कोई गणना अलग-अलग चरणों में करने के बजाय इस प्रकार एक साथ की जा सकती है कि जल्दी पूर्ण हो जाए। ये ऐसे कार्यों में प्रयोग किए जाते हैं, जिनमें लंबी-लंबी और जटिल गणनाएं करनी पढ़ती हैं, जैसे मौसम अनुमान, अंतरिक्ष यान, उपग्रह प्रक्षेपण, मिसाइल निर्माण, परमाणु विस्फोट आदि इनकी कीमत भी कई करोड़ रुपयों में होती है।

सुपर कंप्यूटर के प्रकार को मुख्य रूप में इन्हें चार वर्गों में बांटा जाता है परंतु आकार और कार्य के अनुसार इनके कई दूसरे भेद भी होते हैं, जैसे सुपर माइक्रो, सुपर मिनी आदि।

हाइब्रिड कंप्यूटर (Hybrid Computer)

कंप्यूटर के प्रकार

ये एनालॉग तथा डिजिटल दोनों प्रकार के कंप्यूटर के मिले-जुले रूप होते हैं। इनमें निवेश के रूप में प्राप्त होने वाली कोई भी एनालॉग सूचना लगातार आंकड़ों में बदलकर दिखायी जाती रहती हैं तथा निर्गम भी एनालॉग के साथ-साथ अंकीय (Digital) भी होता है। ऐसे कंप्यूटरों का उपयोग कारखानों, मशीनों आदि में बड़ी संख्या में किया जाता है। लेकिन उपयोगिता में ये अंकित कंप्यूटरों का मुकाबला नहीं कर सकते ।

निष्कर्ष :

हम आशा करते हैं कि हमारे द्वारा बताए गए कंप्यूटर के प्रकार Types of computer in Hindi से संबंधित उन सभी सवालों के जवाब आपको मिल गए होंगे जो आप पाना चाहते थे अगर आपको यह लेख पसंद आया हो तो इसे अपने दोस्तों और साथियों के साथ शेयर करें ताकि उन्हें भी कंप्यूटर से रिलेटेड उन सभी प्रकार की कंप्यूटर्स के बारे में पता चल सके

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